Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 6.17.1: श्री शुकदेव गोस्वामी ने कहा- जिस दिशा में भगवान अनंत विलीन हो गए थे, उस दिशा की ओर प्रणाम करके राजा चित्रकेतु ने विद्याधरों का नेतृत्व करते हुए अंतरिक्ष की यात्रा शुरू की। | bhagavat अध्याय 6.17: माता पार्वती द्वारा चित्रकेतु को शाप । bhagavat स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्री शुकदेव गोस्वामी ने कहा- जिस दिशा में भगवान अनंत विलीन हो गए थे, उस दिशा की ओर प्रणाम करके राजा चित्रकेतु ने विद्याधरों का नेतृत्व करते हुए अंतरिक्ष की यात्रा शुरू की।
Śrīla Śukadeva Gosvāmī said: After offering his obeisances to the direction in which Lord Ananta had disappeared, King Citraketu became the leader of the Vidyādharas and began traveling in outer space.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥