Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 6.16.63: जो लोग जीवन के परम लक्ष्य को प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें परम पुरुष और जीवात्मा का अच्छी तरह से अवलोकन करना चाहिए, जो अंश और पूर्ण होने के कारण गुणवत्ता में एक समान हैं। जीवन के बारे में यही सबसे बड़ी समझ है। इससे बढ़कर कोई सत्य नहीं है। | bhagavat अध्याय 6.16: राजा चित्रकेतु की परमेश्वर से भेंट । bhagavat स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो लोग जीवन के परम लक्ष्य को प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें परम पुरुष और जीवात्मा का अच्छी तरह से अवलोकन करना चाहिए, जो अंश और पूर्ण होने के कारण गुणवत्ता में एक समान हैं। जीवन के बारे में यही सबसे बड़ी समझ है। इससे बढ़कर कोई सत्य नहीं है।
Those who want to achieve the ultimate goal of life should carefully observe the Supreme Being and the soul, who are one in quality because they are part and whole. This is the greatest understanding of life. There is no greater truth than this.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥