Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 6.16.2: श्री नारद मुनि बोले—हे जीवात्मन्! तुम्हारा कल्याण हो। जरा अपने माता-पिता का हाल देखो। तुम्हारे जाने (मरने) से तुम्हारे सभी मित्र और रिश्तेदार शोक में डूबे हुए हैं। | bhagavat अध्याय 6.16: राजा चित्रकेतु की परमेश्वर से भेंट । bhagavat स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रीनारद उवाच
जीवात्मन् पश्य भद्रं ते मातरं पितरं च ते ।
सुहृदो बान्धवास्तप्ता: शुचा त्वत्कृतया भृशम् ॥ २ ॥
अनुवाद
श्री नारद मुनि बोले—हे जीवात्मन्! तुम्हारा कल्याण हो। जरा अपने माता-पिता का हाल देखो। तुम्हारे जाने (मरने) से तुम्हारे सभी मित्र और रिश्तेदार शोक में डूबे हुए हैं।
Shri Narad Muni said – O soul! May you be blessed. Just look at your parents. All your friends and relatives are in grief due to your departure (death).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥