महान ऋषि नारद ने आगे कहा—हे राजन! तुम एकाग्रचित्त होकर मुझसे अत्यंत शुभ मंत्र ग्रहण करो। इसे स्वीकार कर लेने के बाद सात रातों में ही तुम साक्षात् भगवान का दर्शन कर सकोगे।
महान ऋषि नारद ने आगे कहा—हे राजन! तुम एकाग्रचित्त होकर मुझसे अत्यंत शुभ मंत्र ग्रहण करो। इसे स्वीकार कर लेने के बाद सात रातों में ही तुम साक्षात् भगवान का दर्शन कर सकोगे।