Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 6.14.57: मेरे प्यारे पुत्र, तू बहुत देर से सोया रह गया है। अब जाग जा। तेरे खेलने वाले साथी तुझे खेलने के लिए बुला रहे हैं। क्योंकि तुझे बहुत भूख लगी होगी, इसलिए उठ और मेरे स्तनपान से अपनी भूख मिटा और हमारा शोक हर ले। | bhagavat अध्याय 6.14: राजा चित्रकेतु का शोक । bhagavat स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उत्तिष्ठ तात त इमे शिशवो वयस्या-
स्त्वामाह्वयन्ति नृपनन्दन संविहर्तुम् ।
सुप्तश्चिरं ह्यशनया च भवान् परीतो
भुङ्क्ष्व स्तनं पिब शुचो हर न: स्वकानाम् ॥ ५७ ॥
अनुवाद
मेरे प्यारे पुत्र, तू बहुत देर से सोया रह गया है। अब जाग जा। तेरे खेलने वाले साथी तुझे खेलने के लिए बुला रहे हैं। क्योंकि तुझे बहुत भूख लगी होगी, इसलिए उठ और मेरे स्तनपान से अपनी भूख मिटा और हमारा शोक हर ले।
Dear son! You have been sleeping for a long time. Get up now. Your friends are calling you to play. Since you must be very hungry, get up, drink milk from my breasts and relieve our grief.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥