Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 6.14.52: जब रानी ने देखा कि उनके पति, राजा चित्रकेतु भी बहुत दु:खी हैं और उनके इकलौते बेटे की मृत्यु हो गई है, तो वह भी कई तरह से विलाप करने लगीं। इससे महल के सभी निवासियों, मंत्रियों और सभी ब्राह्मणों के दिलों में दर्द और बढ़ गया। | bhagavat अध्याय 6.14: राजा चित्रकेतु का शोक । bhagavat स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब रानी ने देखा कि उनके पति, राजा चित्रकेतु भी बहुत दु:खी हैं और उनके इकलौते बेटे की मृत्यु हो गई है, तो वह भी कई तरह से विलाप करने लगीं। इससे महल के सभी निवासियों, मंत्रियों और सभी ब्राह्मणों के दिलों में दर्द और बढ़ गया।
When the queen saw her husband King Chitraketu extremely sad and her only son dead, she started expressing her grief in many ways. This increased the pain in the hearts of all the residents of the harem, ministers and all the Brahmins.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥