Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 6.14.46: जब दासी उस लेटे हुए बच्चे के पास गई तो उसने देखा कि उसकी आँखें ऊपर की ओर लुढ़क गई हैं। उसके शरीर में कोई हरकत नहीं थी, और उसकी सभी इंद्रियाँ मृत हो गई थीं। उसे समझ में आ गया कि बच्चा मर चुका है। यह देखकर, वह तुरंत चिल्ला उठी, "अब मैं बर्बाद हो गई," और जमीन पर गिर पड़ी। | bhagavat अध्याय 6.14: राजा चित्रकेतु का शोक । bhagavat स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब दासी उस लेटे हुए बच्चे के पास गई तो उसने देखा कि उसकी आँखें ऊपर की ओर लुढ़क गई हैं। उसके शरीर में कोई हरकत नहीं थी, और उसकी सभी इंद्रियाँ मृत हो गई थीं। उसे समझ में आ गया कि बच्चा मर चुका है। यह देखकर, वह तुरंत चिल्ला उठी, "अब मैं बर्बाद हो गई," और जमीन पर गिर पड़ी।
When the nurse reached the sleeping child, she saw that his eyes were rolled up, there was no life in his body and all his senses had become inactive. So she understood that the child was dead. Seeing this, she immediately screamed, 'Alas, I am dead' and fell on the ground.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥