Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 6.14.42: श्री शुकदेव गोस्वामी ने आगे कहा- अपने पति द्वारा उपेक्षित होने और कृतद्युति के पुत्रवती होने को देखकर कृतद्युति की सौतेली पत्नियाँ द्वेष की अग्नि में जलने लगीं, यह द्वेष अत्यधिक प्रबल हो गया। | bhagavat अध्याय 6.14: राजा चित्रकेतु का शोक । bhagavat स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्री शुकदेव गोस्वामी ने आगे कहा- अपने पति द्वारा उपेक्षित होने और कृतद्युति के पुत्रवती होने को देखकर कृतद्युति की सौतेली पत्नियाँ द्वेष की अग्नि में जलने लगीं, यह द्वेष अत्यधिक प्रबल हो गया।
Sri Sukadeva Goswami further said:-Seeing that they were neglected by their husbands and that Kṛtadyūti had a child, all the co-wives became more and more jealous of her.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥