Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 6.14.38: जैसे-जैसे राजा चित्रेकेतु अपने पुत्र की बड़ी सावधानी से देखभाल करने लगे, वैसे-वैसे रानी कृतद्युति के लिए उनका प्रेम भी बढ़ने लगा, लेकिन धीरे-धीरे उनका ध्यान और प्यार बाकी रानियों से हटने लगा, जिनके कोई पुत्र नहीं था। | bhagavat अध्याय 6.14: राजा चित्रकेतु का शोक । bhagavat स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे-जैसे राजा चित्रेकेतु अपने पुत्र की बड़ी सावधानी से देखभाल करने लगे, वैसे-वैसे रानी कृतद्युति के लिए उनका प्रेम भी बढ़ने लगा, लेकिन धीरे-धीरे उनका ध्यान और प्यार बाकी रानियों से हटने लगा, जिनके कोई पुत्र नहीं था।
As King Chitraketu started pampering his son very carefully, his love for Queen Kritadyuti also grew stronger and his love for other sonless queens gradually started decreasing.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥