श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य  »  अध्याय 14: राजा चित्रकेतु का शोक  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  6.14.17 
अङ्गिरा उवाच
अपि तेऽनामयं स्वस्ति प्रकृतीनां तथात्मन: ।
यथा प्रकृतिभिर्गुप्त: पुमान् राजा च सप्तभि: ॥ १७ ॥
 
 
अनुवाद
ऋषि अंगिरा ने कहा- हे राजन! मैं आशा करता हूँ कि आपका शरीर और मन और आपके शाही सहयोगी और साजो-सामान सब अच्छे हैं। जब भौतिक प्रकृति के सातों गुण [कुल भौतिक ऊर्जा, अहंकार और इंद्रिय सुख के पाँचों विषय] उचित क्रम में होते हैं, तो भौतिक तत्वों के बीच रहने वाला जीव खुश रहता है। इन सात तत्वों के बिना कोई जीवित नहीं रह सकता। इसी प्रकार, एक राजा हमेशा सात तत्वों से सुरक्षित रहता है- उसका उपदेशक (स्वामी या गुरु), उसके मंत्री, उसका राज्य, उसका किला, उसका खजाना, उसका शाही आदेश और उसके मित्र।
 
Sage Angira said, "O King! I hope you are well in body and mind and with your royal councillors and possessions. When the seven gunas of nature [all material energy (maya), ego and the five objects of sense gratification] are in order, the soul within the material elements is happy. No one can live without these seven elements. Similarly, the king is always protected by the seven elements. These elements are his preacher (swamy or guru), his ministers, his kingdom, his fort, his treasury, his authority and his friends.
तात्पर्य
जैसे श्रीधर स्वामी ने अपने भागवत भाष्य में उद्धृत किया है:

स्वामी अमात्यौ जनपदा

दुर्ग-द्रविण-संचयाः

दण्डो मित्रं च तस्यैताः

सप्त-प्रकृती मताः

एक राजा अकेला नहीं होता। पहले तो उसके पास आध्यात्मिक गुरु होता है, जो श्रेष्ठ मार्गदर्शक होता है। फिर उसके मंत्री, उसका राज्य, उसके किले, उसका खजाना, उसके कानून और व्यवस्था की व्यवस्था और उसके मित्र या सहयोगी होते हैं। यदि इन सातों को ठीक से बनाए रखा जाए, तो राजा प्रसन्न रहता है। इसी तरह, जैसा कि भगवद्-गीता में बताया गया है (देहिनो 'स्मिन् यथा देहे), जीव, आत्मा, महात-तत्व, अहंकार और पंच-तन्मात्राओं के भौतिक आवरण के भीतर है, जो इंद्रिय तृप्ति की पांच वस्तुएं हैं। जब ये सात उचित क्रम में होते हैं, तो जीव सुख के मूड में होता है। आम तौर पर जब राजा के सहयोगी शांत और आज्ञाकारी होते हैं, तो राजा खुश हो सकता है। इसलिए महान ऋषि अंगिरा ऋषि ने राजा के व्यक्तिगत स्वास्थ्य और उसके सात सहयोगियों के सौभाग्य के बारे में पूछताछ की। जब हम किसी मित्र से पूछते हैं कि सब कुछ ठीक है या नहीं, तो हम न केवल उसके व्यक्तिगत स्वयं से संबंधित होते हैं, बल्कि उसके परिवार, उसकी आय के स्रोत और उसके सहायकों या नौकरों से भी संबंधित होते हैं। उन सभी को अच्छा होना चाहिए, और तभी व्यक्ति खुश रह सकता है।

 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)