Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 6.14.13: उसकी सभी रानियाँ सुंदर चेहरे और आकर्षक आँखों वाली थीं, पर न तो उसका ऐश्वर्य, न सैकड़ों-हजारों रानियाँ, और न वो ज़मीन जिसका वो सर्वोच्च स्वामी था, उसे ख़ुश कर सकते थे। | bhagavat अध्याय 6.14: राजा चित्रकेतु का शोक । bhagavat स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न तस्य सम्पद: सर्वा महिष्यो वामलोचना: ।
सार्वभौमस्य भूश्चेयमभवन्प्रीतिहेतव: ॥ १३ ॥
अनुवाद
उसकी सभी रानियाँ सुंदर चेहरे और आकर्षक आँखों वाली थीं, पर न तो उसका ऐश्वर्य, न सैकड़ों-हजारों रानियाँ, और न वो ज़मीन जिसका वो सर्वोच्च स्वामी था, उसे ख़ुश कर सकते थे।
All his queens were beautiful-faced and had attractive eyes, yet neither his wealth and hundreds and thousands of queens, nor the territories of which he was the supreme lord, could please him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥