Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 6.14.11: राजा चित्रकेतु की एक करोड़ पत्नियाँ थीं और यद्यपि वह सन्तान उत्पन्न करने में समर्थ थे, लेकिन उन्हें किसी भी पत्नी से कोई संतान नहीं हुई। संयोगवश, सभी पत्नियाँ बाँझ थीं। | bhagavat अध्याय 6.14: राजा चित्रकेतु का शोक । bhagavat स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तस्य भार्यासहस्राणां सहस्राणि दशाभवन् ।
सान्तानिकश्चापि नृपो न लेभे तासु सन्ततिम् ॥ ११ ॥
अनुवाद
राजा चित्रकेतु की एक करोड़ पत्नियाँ थीं और यद्यपि वह सन्तान उत्पन्न करने में समर्थ थे, लेकिन उन्हें किसी भी पत्नी से कोई संतान नहीं हुई। संयोगवश, सभी पत्नियाँ बाँझ थीं।
King Chitraketu had one crore wives and though he was capable of producing offspring, he did not get any offspring from them. Incidentally all the wives were barren.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥