Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 6.13.6: श्री शुकदेव गोस्वामी ने कहा, "यह सुनकरऋषियों ने इन्द्र को उत्तर दिया, "हे देवराज! आपको कल्याण प्राप्त हो। डरें नहीं, हम आपको ब्रह्महत्या से लगने वाले पापों से मुक्त करने के लिए एक अश्वमेघ यज्ञ करेंगे।" | bhagavat अध्याय 6.13: ब्रह्महत्या से पीडि़त राजा इन्द्र । bhagavat स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रीशुक उवाच
ऋषयस्तदुपाकर्ण्य महेन्द्रमिदमब्रुवन् ।
याजयिष्याम भद्रं ते हयमेधेन मा स्म भै: ॥ ६ ॥
अनुवाद
श्री शुकदेव गोस्वामी ने कहा, "यह सुनकरऋषियों ने इन्द्र को उत्तर दिया, "हे देवराज! आपको कल्याण प्राप्त हो। डरें नहीं, हम आपको ब्रह्महत्या से लगने वाले पापों से मुक्त करने के लिए एक अश्वमेघ यज्ञ करेंगे।"
Sri Sukadeva Goswami said—Hearing this the sages replied to Indra, “O King of Heaven! May you be blessed. Do not be afraid. We will perform an Ashwamedha sacrifice to free you from any sins you may incur by killing a brahmin.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥