प्राणग्लहोऽयं समर इष्वक्षो वाहनासन: ।
अत्र न ज्ञायतेऽमुष्य जयोऽमुष्य पराजय: ॥ १७ ॥
अनुवाद
हे मेरे शत्रु! इस युद्ध को एक जुआ समझो जिसमें हमारे प्राण दांव पर लगे हैं, बाण पासा हैं और वाहक पशु चौसर हैं। कोई नहीं जानता कि कौन हारेगा और कौन जीतेगा। यह सब भाग्य पर निर्भर है।
Oh my enemy! Consider this war as a game of dice in which our lives are at stake, arrows are the dice and the carrying animals are the chessboard. No one knows who will win and who will lose. It all depends on the Creator.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥