स इन्द्रशत्रु: कुपितो भृशं तया
महेन्द्रवाहं गदयोरुविक्रम: ।
जघान कुम्भस्थल उन्नदन्मृधे
तत्कर्म सर्वे समपूजयन्नृप ॥ १० ॥
अनुवाद
हे राजा परीक्षित! इन्द्र के शत्रु पराक्रमी वृत्रासुर ने क्रोध में आकर अपनी गदा से इन्द्र के हाथी के सिर पर जोर का प्रहार किया। जिससे उस हाथी ने युद्ध के मैदान में तेज आवाज से चिल्लाना शुरू कर दिया। इस वीरतापूर्ण कार्य के लिए दोनों ओर के सैनिकों ने वृत्रासुर की प्रशंसा की।
O King Parikshit! Indra's enemy, the mighty Vṛtrāsura, angrily struck Indra's elephant's head with that mace, causing it to trumpet on the battlefield. Soldiers from both sides praised him for this heroic act.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥