Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 6.10.17-18: हे राजन! जब वृत्रासुर नेतृत्व में सारे असुर युद्धस्थल में उतरे, तो उन्होंने देखा कि राजा इंद्र हाथ में वज्र लिए हुए थे और वह रुद्र, वसु, आदित्य, अश्विनी कुमार, पितर, वह्नि, मरुत, ऋभु, साध्य और विश्वदेव से घिरा हुआ था। देवताओं के साथ वह तेजस्वी दिखाई दे रहा था। उसकी चमक असुरों के लिए असहनीय थी। | bhagavat अध्याय 6.10: देवताओं तथा वृत्रासुर के मध्य युद्ध । bhagavat स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन! जब वृत्रासुर नेतृत्व में सारे असुर युद्धस्थल में उतरे, तो उन्होंने देखा कि राजा इंद्र हाथ में वज्र लिए हुए थे और वह रुद्र, वसु, आदित्य, अश्विनी कुमार, पितर, वह्नि, मरुत, ऋभु, साध्य और विश्वदेव से घिरा हुआ था। देवताओं के साथ वह तेजस्वी दिखाई दे रहा था। उसकी चमक असुरों के लिए असहनीय थी।
O King! When all the demons came to the battlefield with Vritraasura in the lead, they saw that King Indra was holding the thunderbolt and was surrounded by Rudras, Vasus, Adityas, Ashvini-kumaras, Pitris, Vahnis, Maruts, Ribhus, Sadhyas and Vishwadevas and was shining in such a way that his brilliance was unbearable for the demons.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥