Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
bhagavat 5.9.19: जब कोई ईर्ष्यालु व्यक्ति किसी महान व्यक्ति के समक्ष कोई अपराध करता है, तो उसे हमेशा उपर्युक्त तरीके से सज़ा भुगतनी पड़ती है।   |   bhagavat अध्याय 5.9: जड़ भरत का सर्वोत्कृष्ट चरित्र   ।   bhagavat स्कन्ध 5: सृष्टि की प्रेरणा   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 5: सृष्टि की प्रेरणा  »  अध्याय 9: जड़ भरत का सर्वोत्कृष्ट चरित्र  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  5.9.19 
एवमेव खलु महदभिचारातिक्रम: कार्त्स्‍न्येनात्मने फलति ॥ १९ ॥
 
 
अनुवाद
जब कोई ईर्ष्यालु व्यक्ति किसी महान व्यक्ति के समक्ष कोई अपराध करता है, तो उसे हमेशा उपर्युक्त तरीके से सज़ा भुगतनी पड़ती है।
 
When a jealous person commits a crime against a great man, he always has to be punished in the above mentioned manner.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)