अजनाभं नामैतद्वर्षं भारतमिति यत आरभ्य व्यपदिशन्ति ॥ ३ ॥
अनुवाद
पहले इस ग्रह को अजनाभवर्ष के नाम से जाना जाता था, लेकिन महाराजा भरत के शासनकाल से इसे भारतवर्ष के नाम से जाना जाने लगा।
Earlier the name of this country was Ajanaabharsha, but during the reign of Maharaja Bharat, its name became Bharatvarsha.
तात्पर्य
राजा नाभि के राज्य करने के कारण इस पृथ्वी को पहले अजनाभ कहा जाता था। भरत महाराज द्वारा पृथ्वी पर राज्य करने के बाद यह भारत-वर्ष के रूप में प्रसिद्ध हुई।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥