यत्राश्रमपदान्युभयतोनाभिभिर्दृषच्चक्रैश्चक्रनदी नाम सरित्प्रवरा सर्वत: पवित्रीकरोति ॥ १० ॥
अनुवाद
पुलह आश्रम में गण्डकी नदी है जो सभी नदियों में श्रेष्ठ है। यहीं पर पवित्र शालिग्राम पत्थर (संगमरमर के कंकर) हैं जो सभी स्थानों को शुद्ध करते हैं। इन पत्थरों के ऊपर और नीचे चक्र बने हुए हैं जो नाभि की तरह दिखते हैं।
There is Gandaki river in Pulah Ashram which is the best among all the rivers. Here there are Shaligram rocks (marble stones) which sanctify all these places. Chakras like navel are visible on both the top and bottom of these.
तात्पर्य
शालिग्राम-शिला उन कंकड़ पत्थरों को संदर्भित करती है जो ऊपर और नीचे के घेरों से चिह्नित पत्थरों की तरह दिखते हैं। ये गंडकी-नदी नामक नदी में उपलब्ध हैं। जहां भी इस नदी का पानी बहता है, वह स्थान तत्काल पवित्र हो जाता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥