भारत भूमि पर जन्मिनो मानुष
जनम सार्थक करतों परोपकार
भारत भूमि में मनुष्य रूप में जन्म लेने वाले पुरुषों को अपने जीवन को सार्थक बनाकर दूसरों का उपकार करना चाहिए। जो लोग इस भूमि पर निवास करते हैं, वे अति भाग्यशाली हैं। वे कृष्णभावनामृत आंदोलन को स्वीकार करके अपने जीवन को पवित्र बना सकते हैं। फिर उन्हें भारत भूमि छोड़कर विश्व के कल्याण के लिए इस पंथ का प्रचार करना चाहिए।
