Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 5.4.10: भारत के अतिरिक्त, उनके 99 अन्य पुत्र भी थे। इनमें से नौ बड़े पुत्रों के नाम थे- कुशावर्त, इलावर्त, ब्रह्मावर्त, मलय, केतु, भद्रसेन, इंद्रस्पृक, विदर्भ और कीकट। | bhagavat अध्याय 5.4: भगवान् ऋषभदेव के लक्षण । bhagavat स्कन्ध 5: सृष्टि की प्रेरणा । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भारत के अतिरिक्त, उनके 99 अन्य पुत्र भी थे। इनमें से नौ बड़े पुत्रों के नाम थे- कुशावर्त, इलावर्त, ब्रह्मावर्त, मलय, केतु, भद्रसेन, इंद्रस्पृक, विदर्भ और कीकट।
Apart from Bharat, he had ninety-nine more sons. The names of these nine elder sons were Kushavarta, Ilavarta, Brahmavarta, Malaya, Ketu, Bhadrasen, Indrasprik, Vidarbha and Keekata.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥