हे प्रभु, मृत्यु के समय कंपकंपी की स्थिति, भूख, गिरना, जम्हाई लेना या तेज बुखार के कारण बीमारी की दयनीय अवस्था में होने के कारण संभव है कि हम आपका नाम, रूप या गुण याद न रख पाएँ। अतः हे ईश्वर, हम आपकी स्तुति करते हैं क्योंकि आप अपने भक्तों पर अतिशय स्नेह करते हैं। कृपया हमें अपना नाम व पवित्र नामों, विशेषताओं व कार्यों के स्मरण में सहायता करें जिससे हमारे पापमय जीवन की प्रतिक्रियाएँ मिट जाएँ।
O Lord, it is possible that we may not be able to remember Your name because of shivering, hunger, falling, yawning or being in a pitiable state of illness at the time of death due to fever. Therefore, O Lord, we praise You because You are affectionate towards Your devotees. May You help us to remember Your holy name, qualities and actions so that all the sins of our sinful life may be removed.
तात्पर्य
जीवन में सच्ची सफलता अंत नारायण-स्मृति है - मृत्यु के समय भगवान के पवित्र नाम, विशेषताओं, गतिविधियों और रूप को याद रखना। यद्यपि हम मंदिर में भगवान की भक्ति सेवा में लगे हो सकते हैं, भौतिक परिस्थितियां इतनी कठिन और अपरिहार्य हैं कि हम बीमार स्थिति या मानसिक विक्षिप्तता के कारण मृत्यु के समय भगवान को भूल सकते हैं। इसलिए हमें प्रार्थना करनी चाहिए कि हम भगवान के चरण कमलों को मृत्यु के समय बिना किसी असफलता के याद रख सकें, जब हम इतनी अनिश्चित स्थिति में हों। इस संबंध में, कोई भी श्रीमद्-भागवतम (6.2.9-10 और 14-15) भी देख सकता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥