राजोवाच
नरका नाम भगवन्किं देशविशेषा अथवा बहिस्त्रिलोक्या आहोस्विदन्तराल इति ॥ ४ ॥
अनुवाद
राजा परीक्षित ने शुकदेव गोस्वामी से पूछा—भगवान्, ये नरक ब्रह्माण्ड के बाहर, भीतर या बस यही के पृथ्वी लोक पर भिन्न-भिन्न स्थानों पर हैं?
King Parikshit asked Shukadeva Goswami: O Lord, are these hells located outside the universe, within it, or at different places within this world itself?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥