Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 5.24.10: कृत्रिम स्वर्गों के बगीचे ऊपरी स्वर्गीय ग्रहों के उद्यानों की सुंदरता को पार करते हैं। उन उद्यानों में वृक्ष, लताओं से लिपटे हुए हैं, फलों और फूलों वाली टहनियों के भारी बोझ से झुके हुए हैं, और इसलिए वे असाधारण रूप से सुंदर दिखाई देते हैं। वह सुंदरता किसी को भी आकर्षित कर सकती है और उसके मन को काम-वासना के आनंद में पूरी तरह से खिला सकती है। वहां कई झीलें और जलाशय हैं जिनका पानी साफ, पारदर्शी है, मछलियों के कूदने से उत्तेजित है और कमल, कुमुदिनी, कह्लार और नीले और लाल रंग के कमल जैसे कई फूलों से सजाया गया है। चक्रवाक के जोड़े और कई अन्य जल पक्षी झीलों में रहते हैं और हमेशा खुश मिजाज में आनंद लेते हैं, मीठे, सुखद कंपन पैदा करते हैं जो इंद्रियों के आनंद के लिए बहुत संतोषजनक और अनुकूल हैं। | bhagavat अध्याय 5.24: नीचे के स्वर्गीय लोकों का वर्णन । bhagavat स्कन्ध 5: सृष्टि की प्रेरणा । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कृत्रिम स्वर्गों के बगीचे ऊपरी स्वर्गीय ग्रहों के उद्यानों की सुंदरता को पार करते हैं। उन उद्यानों में वृक्ष, लताओं से लिपटे हुए हैं, फलों और फूलों वाली टहनियों के भारी बोझ से झुके हुए हैं, और इसलिए वे असाधारण रूप से सुंदर दिखाई देते हैं। वह सुंदरता किसी को भी आकर्षित कर सकती है और उसके मन को काम-वासना के आनंद में पूरी तरह से खिला सकती है। वहां कई झीलें और जलाशय हैं जिनका पानी साफ, पारदर्शी है, मछलियों के कूदने से उत्तेजित है और कमल, कुमुदिनी, कह्लार और नीले और लाल रंग के कमल जैसे कई फूलों से सजाया गया है। चक्रवाक के जोड़े और कई अन्य जल पक्षी झीलों में रहते हैं और हमेशा खुश मिजाज में आनंद लेते हैं, मीठे, सुखद कंपन पैदा करते हैं जो इंद्रियों के आनंद के लिए बहुत संतोषजनक और अनुकूल हैं।
The gardens of artificial heavens are beyond the beauty of the gardens of heaven. The trees of those gardens are entwined with creepers and are bent down with the weight of branches laden with fruits and flowers, due to which they look extremely beautiful. This beauty attracts anyone and fills the mind with the desire for enjoyment. There are many reservoirs and lakes whose water is clear, transparent and remains agitated by the jumping of fishes and is decorated with flowers of lilies, lilies, kahlar and blue and red lotus. In the lakes, pairs of chakravakas and many other water birds play and chirp happily, listening to which the mind and the senses get extremely happy.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥