केचनैतज्ज्योतिरनीकं शिशुमारसंस्थानेन भगवतो वासुदेवस्य योगधारणायामनुवर्णयन्ति ॥ ४ ॥
अनुवाद
यह महान् यंत्र, जिसमें तारे और ग्रह शामिल हैं, पानी में एक शिशुमार [डॉलफिन] के रूप जैसा दिखता है। इसे कभी-कभी कृष्ण, वासुदेव के अवतार के रूप में माना जाता है। महान योगी इस रूप में वासुदेव का ध्यान करते हैं क्योंकि यह वास्तव में दिखाई देता है।
This huge yantra consisting of stars and planets resembles the form of Shishumar (porpoise fish) in water. Sometimes it is considered to be the incarnation of Vasudeva Sri Krishna. Since it is actually visible, great yogis meditate on this form of Vasudeva.
तात्पर्य
योगी जैसे पारमार्थिकवादी जिनके मन में भगवान का रूप समा ना सके कुछ बहुत बड़ी वस्तुओं का ध्यान करना पसन्द करते हैं, जैसे कि विराट-पुरुष का। तो कुछ योगी इस काल्पनिक शिशुमार को आकाश में तैरता हुआ मानते हैं जैसे कि डाॅलफिन समुद्र में तैरती है। वे उसका ध्यान विराट-रूप के रूप में करते हैं जो कि भगवान का विशाल रूप है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥