Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 5.22.10: पूर्ण शक्तियों से युक्त होने के कारण चन्द्रमा ब्रह्म देवता के प्रभाव का सूचक है। चन्द्रमा हर व्यक्ति के मन में प्रमुखता से रहते हैं, इसलिए उन्हें मनोमय कहते हैं। उन्हें अन्नमय भी कहा जाता है क्योंकि वे सभी वनस्पतियों और पौधों में शक्ति प्रदान करते हैं। सभी जीवित प्राणियों में प्राण के आधार होने के कारण उन्हें अमृतमाय भी कहा जाता है। चन्द्रमा सभी देवताओं, पूर्वजों, मनुष्यों, पशुओं, पक्षियों, सरीसृपों, वृक्षों, पौधों और अन्य सभी जीवों को प्रसन्न करते हैं। सभी प्राणी चन्द्रमा की उपस्थिति से संतुष्ट रहते हैं; इसलिए उन्हें "सर्वमय" भी कहा जाता है। | bhagavat अध्याय 5.22: ग्रहों की कक्ष्याएँ । bhagavat स्कन्ध 5: सृष्टि की प्रेरणा । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पूर्ण शक्तियों से युक्त होने के कारण चन्द्रमा ब्रह्म देवता के प्रभाव का सूचक है। चन्द्रमा हर व्यक्ति के मन में प्रमुखता से रहते हैं, इसलिए उन्हें मनोमय कहते हैं। उन्हें अन्नमय भी कहा जाता है क्योंकि वे सभी वनस्पतियों और पौधों में शक्ति प्रदान करते हैं। सभी जीवित प्राणियों में प्राण के आधार होने के कारण उन्हें अमृतमाय भी कहा जाता है। चन्द्रमा सभी देवताओं, पूर्वजों, मनुष्यों, पशुओं, पक्षियों, सरीसृपों, वृक्षों, पौधों और अन्य सभी जीवों को प्रसन्न करते हैं। सभी प्राणी चन्द्रमा की उपस्थिति से संतुष्ट रहते हैं; इसलिए उन्हें "सर्वमय" भी कहा जाता है।
Being full of all powers, the moon is an indicator of the influence of Shri Bhagwan. Being the main form of the mind of every person, the moon is called Manomaya. It is also called Annamaya because it provides power to all vegetation and plants. Being the life support of all living beings, it is also called Amritmaya. The moon pleases all the gods, ancestors, humans, animals, birds, reptiles, trees, plants and all other living beings. All living beings remain satisfied with the presence of the moon; hence it is also called “Sarvamaya”.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥