Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 5.21.7: श्री शुकदेव गोस्वामी ने कहा- हे राजन, जैसा कि पहले कहा जा चुका है, विद्वानों का कहना है कि मानसोत्तर पर्वत के चारों ओर सूर्य के परिक्रमा पथ की लंबाई 95,100,000 योजन है। मानसोत्तर पर्वत पर, सुमेरु पर्वत के पूर्व में, देवधानी नामक स्थान है जो इंद्र देव का निवास है। इसी तरह दक्षिण में संयमनी नाम का स्थान है जिस पर यमराज का अधिकार है, पश्चिम में निम्लोचनी नाम का स्थान है जिस पर वरुण का अधिकार है और उत्तर में विभावरी नाम का स्थान है जिस पर चंद्र देवता का अधिकार है। इन सभी स्थानों पर मेरु के चारों ओर विशिष्ट समय के अनुसार सूर्योदय, मध्याह्न, सूर्यास्त और मध्यरात्रि होती रहती है, जिसके अनुसार सभी जीव अपने कार्यों में लगे रहते हैं या उनसे निवृत्त होते हैं। | bhagavat अध्याय 5.21: सूर्य की गतियों का वर्णन । bhagavat स्कन्ध 5: सृष्टि की प्रेरणा । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं नव कोटय एकपञ्चाशल्लक्षाणि योजनानां मानसोत्तरगिरिपरिवर्तनस्योपदिशन्ति तस्मिन्नैन्द्रीं पुरीं पूर्वस्मान्मेरोर्देवधानीं नाम दक्षिणतो याम्यां संयमनीं नाम पश्चाद्वारुणीं निम्लोचनीं नाम उत्तरत: सौम्यां विभावरीं नाम तासूदयमध्याह्नास्तमयनिशीथानीति भूतानां प्रवृत्तिनिवृत्तिनिमित्तानि समयविशेषेण मेरोश्चतुर्दिशम् ॥ ७ ॥
अनुवाद
श्री शुकदेव गोस्वामी ने कहा- हे राजन, जैसा कि पहले कहा जा चुका है, विद्वानों का कहना है कि मानसोत्तर पर्वत के चारों ओर सूर्य के परिक्रमा पथ की लंबाई 95,100,000 योजन है। मानसोत्तर पर्वत पर, सुमेरु पर्वत के पूर्व में, देवधानी नामक स्थान है जो इंद्र देव का निवास है। इसी तरह दक्षिण में संयमनी नाम का स्थान है जिस पर यमराज का अधिकार है, पश्चिम में निम्लोचनी नाम का स्थान है जिस पर वरुण का अधिकार है और उत्तर में विभावरी नाम का स्थान है जिस पर चंद्र देवता का अधिकार है। इन सभी स्थानों पर मेरु के चारों ओर विशिष्ट समय के अनुसार सूर्योदय, मध्याह्न, सूर्यास्त और मध्यरात्रि होती रहती है, जिसके अनुसार सभी जीव अपने कार्यों में लगे रहते हैं या उनसे निवृत्त होते हैं।
Sri Shukdev Goswami said further—O King, as I have said earlier, the scholars say that the orbit of the Sun around the Manasottar Mountain is 9,51,00,000 (nine crore fifty one lakh) yojans (76 crore eight lakh miles). On the Manasottar Mountain, on the east side of Meru, Indra's Devdhani, Yamraj's Sanyamni in the south, Varun's Nimlochani in the west and Moon's Vibhavari in the north are situated. In all these cities, sunrise, noon, sunset and midnight occur according to specific times around Meru and accordingly all living beings engage or retire from their respective works.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥