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bhagavat 5.21.6: जब तक सूर्य दक्षिण दिशा में होता है, तब तक दिन बढ़ते रहते हैं, और जब तक यह उत्तर दिशा में होता है, तब तक रातें लंबी होती जाती हैं।   |   bhagavat अध्याय 5.21: सूर्य की गतियों का वर्णन   ।   bhagavat स्कन्ध 5: सृष्टि की प्रेरणा   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 5: सृष्टि की प्रेरणा  »  अध्याय 21: सूर्य की गतियों का वर्णन  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  5.21.6 
यावद्दक्षिणायनमहानि वर्धन्ते यावदुदगयनं रात्रय: ॥ ६ ॥
 
 
अनुवाद
जब तक सूर्य दक्षिण दिशा में होता है, तब तक दिन बढ़ते रहते हैं, और जब तक यह उत्तर दिशा में होता है, तब तक रातें लंबी होती जाती हैं।
 
The days keep getting longer as the Sun moves towards the south and the nights keep getting longer as the Sun moves towards the north.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)