Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 5.20.16: कुशद्वीप के निवासी कुशल, कोविद, अभियुक्त और कुलक नामों से प्रसिद्ध हैं। ये क्रमशः ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्रों के समान हैं। इन नदियों के जल में स्नान करने से ये सभी निवासी पवित्र हो जाते हैं। वे वैदिक शास्त्रों के अनुसार अनुष्ठान करने में कुशल हैं। इस प्रकार वे अग्नि देवता के रूप में भगवान की पूजा करते हैं। | bhagavat अध्याय 5.20: ब्रह्माण्ड रचना का विश्लेषण । bhagavat स्कन्ध 5: सृष्टि की प्रेरणा । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुशद्वीप के निवासी कुशल, कोविद, अभियुक्त और कुलक नामों से प्रसिद्ध हैं। ये क्रमशः ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्रों के समान हैं। इन नदियों के जल में स्नान करने से ये सभी निवासी पवित्र हो जाते हैं। वे वैदिक शास्त्रों के अनुसार अनुष्ठान करने में कुशल हैं। इस प्रकार वे अग्नि देवता के रूप में भगवान की पूजा करते हैं।
The inhabitants of Kushadvipa are known by the names of Kushal, Kovid, Aprudhi and Kulak. They are like Brahmins, Kshatriyas, Vaishyas and Shudras respectively. All these inhabitants become pure by bathing in the water of the above rivers. They are skilled in performing rituals according to the Vedic scriptures. Thus they worship God in the form of the fire god.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥