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bhagavat 5.20.1: महर्षि शुकदेव गोस्वामी ने कहा - अब मैं प्लक्ष आदि अन्य छह द्वीपों के आकार-प्रकार, लक्षण तथा उनके स्थानों का वर्णन करूँगा।   |   bhagavat अध्याय 5.20: ब्रह्माण्ड रचना का विश्लेषण   ।   bhagavat स्कन्ध 5: सृष्टि की प्रेरणा   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 5: सृष्टि की प्रेरणा  »  अध्याय 20: ब्रह्माण्ड रचना का विश्लेषण  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  5.20.1 
श्रीशुक उवाच
अत: परं प्लक्षादीनां प्रमाणलक्षणसंस्थानतो वर्षविभाग उपवर्ण्यते ॥ १ ॥
 
 
अनुवाद
महर्षि शुकदेव गोस्वामी ने कहा - अब मैं प्लक्ष आदि अन्य छह द्वीपों के आकार-प्रकार, लक्षण तथा उनके स्थानों का वर्णन करूँगा।
 
Maharshi Shukdev Goswami said – After this I will describe the shape, characteristics and condition of the other six islands like Plakshadi.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)