श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 5: सृष्टि की प्रेरणा  »  अध्याय 2: महाराज आग्नीध्र का चरित्र  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  5.2.23 
सम्परेते पितरि नव भ्रातरो मेरुदुहितृर्मेरुदेवीं प्रतिरूपामुग्रदंष्ट्रीं लतां रम्यां श्यामां नारीं भद्रां देववीतिमितिसंज्ञा नवोदवहन् ॥ २३ ॥
 
 
अनुवाद
अपने पिता के प्रयाण के पश्चात् नवों भाइयों ने मेरु की नौ पुत्रियों से विवाह कर लिया। मेरुदेवी, प्रतिरूपा, उग्रदंष्ट्री, लता, रम्या, श्यामा, नारी, भद्रा और देववीति इन नौ पुत्रियों के साथ उनका विवाह हुआ।
 
After the death of their father, the nine brothers married the nine daughters of Meru, whose names were Merudevi, Pratirupa, Ugradanshtri, Lata, Ramya, Shyama, Nari, Bhadra and Devveeti.
 
इस प्रकार श्रीमद् भागवतम के स्कन्ध पांच के अंतर्गत दूसरा अध्याय समाप्त होता है ।
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)