भारत-भूमिते हेलि मनुष्य-जन्म यारा
जनम सार्थक कारी करा परा-उपकार
भारतवर्ष की भूमि में जन्मे मनुष्य के पास कृष्ण चेतना विकसित करने का विशेष विशेषाधिकार है। इसलिए जो लोग भारतवर्ष में पहले से ही जन्मे हैं, उन्हें शास्त्रों और गुरु से सीख लेनी चाहिए और कृष्ण चेतना से पूर्ण रूप से लैस होने के लिए श्री चैतन्य महाप्रभु की दया का पूरा लाभ उठाना चाहिए। कृष्ण चेतना का पूरा लाभ उठाकर, व्यक्ति घर वापस आता है, भगवान के पास वापस जाता है (यांति मद्-याजिनो ऽपि माम)। इसलिए कृष्ण चेतना आंदोलन दुनिया भर में कई, कई केंद्र खोलकर मानव समाज को यह सुविधा प्रदान कर रहा है ताकि लोग कृष्ण चेतना आंदोलन के शुद्ध भक्तों के साथ जुड़ सकें, कृष्ण चेतना के विज्ञान को समझ सकें और अंततः घर वापस, भगवान के पास वापस जा सकें।
