वासुदेवादिरूपाणां
अवताराःप्रकीर्तिताः
विष्णु-धर्मोत्तरे रामा-
लक्ष्मणाध्याःक्रमादमी
पद्मे तु रामो भगवान्
नारायण इतीरितः
शेषश्चक्रं च शंखश्च
क्रमात् स्युर लक्ष्मणाधयः
मध्य-देश-स्थितयोध्या-
पुरे'स्य वसतिः स्मृता
महा-वैकुण्ठलोके च
राघवेन्द्रस्य कीर्तिता
विष्णु-धर्मोत्तर में वर्णन है कि भगवान रामचन्द्र और उनके भाई – लक्ष्ण, भरत और शत्रुघ्न – क्रमशः वासुदेव, संकर्षण, प्रद्युम्न और अनिरुद्ध के अवतार हैं | परन्तु, पद्म पुराण में कहा गया है कि भगवान रामचन्द्र नारायण के अवतार हैं और अन्य तीन भाई शेष, चक्र और शंख के अवतार हैं | अतः, श्रील बलदेव विद्याभूषण ने निष्कर्ष दिया है, तद इदं कल्प-भेदेनैव सम्भाव्यम् | दूसरे शब्दों में, ये मत विरोधाभासी नहीं हैं | कुछ सहस्राब्दियों में भगवान रामचन्द्र और उनके भाई वासुदेव, संकर्षण, प्रद्युम्न और अनिरुद्ध के अवतार के रूप में प्रकट होते हैं, और अन्य सहस्राब्दियों में वे नारायण, शेष, चक्र और शंख के अवतार के रूप में प्रकट होते हैं | इस ग्रह पर भगवान रामचन्द्र का निवास अयोध्या है | अयोध्या नगरी अभी भी फैज़ाबाद जिले में विद्यमान है, जो उत्तर प्रदेश के उत्तरी भाग में स्थित है |
