उस सर्वोच्च पुरुषोत्तम भगवान् से ही ब्रह्मा उत्पन्न हुए, जिनका शरीर महत् तत्त्व से बना है और जो भौतिक प्रकृति के रजोगुण से प्रभावित बुद्धि का भंडार है। ब्रह्मा से मैं स्वयं मिथ्या अहंकार के रूप में, जिसे रुद्र कहा जाता है, उत्पन्न हुआ। मैं अपनी शक्ति से अन्य सभी देवताओं, पंच तत्त्वों और इंद्रियों को जन्म देता हूं। इसलिए, मैं पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान की आराधना करता हूं। वे हम सभी से श्रेष्ठ हैं और सभी देवता, महत् तत्व और इंद्रियाँ, यहाँ तक कि ब्रह्मा और स्वयं मैं उनकी शक्ति में बंधे हैं, जैसे डोरी से बंधे पक्षी। केवल उन्हीं की कृपा से हम इस जगत का निर्माण, देखभाल और विनाश करते हैं। अतः मैं परम ब्रह्म को सादर प्रणाम करता हूँ।
From the Supreme Personality of Godhead emerges Brahma, whose body is composed of the Mahat Tattva and is the repository of intelligence influenced by the Rajo Guna of material nature. From Brahma, I myself arise as the false ego, called Rudra. By my own energy, I give birth to all the other demigods, the five elements and the senses. Therefore, I worship the Supreme Personality of Godhead. He is superior to all of us, and all the demigods, the Mahat Tattva and the senses, even Brahma and myself, are under His control like birds are bound by a string. It is by His grace alone that we create, maintain and destroy this universe. Therefore, I offer my respectful obeisances unto the Supreme Brahman.
तात्पर्य
इस श्लोक में सृजन का सारांश दिया गया है। संकर्षण से महा-विष्णु का विस्तार होता है और महा-विष्णु से गर्भोदक-शायी विष्णु का विस्तार होता है। भगवान ब्रह्मा, जो गर्भोदक-शायी विष्णु से उत्पन्न हुए थे, भगवान शिव के जनक हैं, जिनसे धीरे-धीरे अन्य सभी देवता विकसित होते हैं। भगवान ब्रह्मा, भगवान शिव और भगवान विष्णु विभिन्न भौतिक गुणों के अवतार हैं। भगवान विष्णु वास्तव में सभी भौतिक गुणों से ऊपर हैं, लेकिन वे ब्रह्मांड को बनाए रखने के लिए सत्त्व-गुण (भलाई का मोड) का नियंत्रण स्वीकार करते हैं। भगवान ब्रह्मा महत्तत्व से उत्पन्न हैं। ब्रह्मा पूरे ब्रह्मांड का निर्माण करते हैं, भगवान विष्णु इसे बनाए रखते हैं और भगवान शिव इसका विनाश करते हैं। भगवान सर्वोच्च व्यक्तित्व सभी सबसे महत्वपूर्ण देवताओं को नियंत्रित करते हैं - विशेष रूप से भगवान ब्रह्मा और भगवान शिव - ठीक उसी तरह जैसे एक पक्षी के मालिक इसे एक रस्सी से बांधकर नियंत्रित करते हैं। कभी-कभी गिद्धों को इस तरह से नियंत्रित किया जाता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥