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bhagavat 5.16.15: इन उद्यानों में सर्वश्रेष्ठ देवता अपनी-अपनी रूपवती पत्नियों के साथ, जो स्वर्गिक सौंदर्य के आभूषणों के समान हैं, मिलकर आनंद लेते हैं, जबकि गंधर्व नामक निम्न देवता उनके यश का गान करते हैं।   |   bhagavat अध्याय 5.16: जम्बूद्वीप का वर्णन   ।   bhagavat स्कन्ध 5: सृष्टि की प्रेरणा   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 5: सृष्टि की प्रेरणा  »  अध्याय 16: जम्बूद्वीप का वर्णन  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  5.16.15 
येष्वमर परिवृढा: सह सुरललनाललामयूथपतय उपदेवगणैरुपगीयमानमहिमान: किल विहरन्ति ॥ १५ ॥
 
 
अनुवाद
इन उद्यानों में सर्वश्रेष्ठ देवता अपनी-अपनी रूपवती पत्नियों के साथ, जो स्वर्गिक सौंदर्य के आभूषणों के समान हैं, मिलकर आनंद लेते हैं, जबकि गंधर्व नामक निम्न देवता उनके यश का गान करते हैं।
 
In these gardens the best of the demigods, along with their beautiful wives, who are like ornaments of celestial beauty, assemble and enjoy themselves, and the Gandharvas sing their praises.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)