श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 5: सृष्टि की प्रेरणा  »  अध्याय 16: जम्बूद्वीप का वर्णन  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  5.16.10 
तथैवेलावृतमपरेण पूर्वेण च माल्यवद्गन्धमादनावानीलनिषधायतौ द्विसहस्रं पप्रथतु: केतुमालभद्राश्वयो: सीमानं विदधाते ॥ १० ॥
 
 
अनुवाद
इसी तरह से इलावृत-वर्ष के पूर्व में माल्यवान् और पश्चिम में गंधमादन नाम के दो विशाल पर्वत हैं। ये दोनों 2,000 योजन [16,000 मील] ऊँचे हैं और उत्तर में नील पर्वत तक और दक्षिण में निषध तक फैले हुए हैं। ये इलावृत-वर्ष की सीमाओं और केतुमाल और भद्राश्व नामक वर्षों की भी सीमाओं को दर्शाते हैं।
 
Similarly, to the east and west of Ilavrita-varsa there are two huge mountains named Malyavan and Gandhamadan respectively. Both of them are 2,000 yojans (16,000 miles) high and extend up to Neelparvat in the north and Nishad in the south. These indicate the boundaries of Ilavrita-varsa and also of the years named Ketumal and Bhadrashwa.
तात्पर्य
इस भू-मंडल पर भी बहुत से पहाड़ हैं | हम यह नहीं मानते कि उनमें से सबकी ही माप नापकर यथार्थ परिमाण का अनुमान लगा लिया गया हो । मेक्सिको के कारकास पर्वतमालाओं की यात्रा के समय हमने इतने पहाड़ देखे कि हमें संदेह है कि उनकी ऊँचाई, लम्बाई और चौड़ाई का समुचित रूप से मापन हो पाया है । अतएव, जैसा कि श्रीमद्भागवत में श्री सुकदेव गोस्वामी ने संकेत किया है, हमें अपने हिसाब-किताब से ब्रह्मांड की विस्तृत पर्वतमालाओं को समझने का प्रयास नहीं करना चाहिए । श्री सुकदेव गोस्वामी ने पहले ही घोषित कर दिया है कि इस प्रकार की गणना तब भी अति कठिन होगी जब किसी की आयु ब्रह्मा के समान हो । हमें केवल सुकदेव गोस्वामी जैसे प्रमाणित पुरुषों के कथनों से संतुष्ट होना चाहिए और यह समझना चाहिए कि संपूर्ण ब्रह्मांडीय अभिव्यक्ति सर्वोच्च ईश्वर के बाह्य सत्ता के द्वारा कैसे संभव हुई है । यहाँ जैसे 10,000 योजन अथवा 100,000 योजन की जो माप दी गई है, वे सत्य मानी जानी चाहिए क्योंकि वे सुकदेव गोस्वामी द्वारा दी गई हैं । हमारा मौलिक ज्ञान न तो श्रीमद्भागवत के कथन की पुष्टि कर सकता है और न ही उसका खंडन ही कर सकता है । हमें केवल प्रमाणित पुरुषों के कथन को सुनना चाहिए । यदि हम सर्वोच्च ईश्वर की व्यापक सत्ता को समझ सकें तो हमें उसका लाभ होगा ।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)