Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 5.15.9: महान राजा गय सभी प्रकार के वैदिक अनुष्ठान सम्पन्न किया करते थे। वे बेहद बुद्धिमान और सभी वैदिक शास्त्रों के अध्ययन में निपुण थे। उन्होंने धार्मिक सिद्धांतों की रक्षा की और वे हर तरह के वैभव से सम्पन्न थे। वे महानुभावों के नेता और भक्तों के सेवक थे। वे परमेश्वर के पूर्ण अवतार थे। इसलिए, महान अनुष्ठानों (यज्ञों) को करने में उनकी तुलना कौन कर सकता है? | bhagavat अध्याय 5.15: राजा प्रियव्रत के वंशजों का यश-वर्णन । bhagavat स्कन्ध 5: सृष्टि की प्रेरणा । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महान राजा गय सभी प्रकार के वैदिक अनुष्ठान सम्पन्न किया करते थे। वे बेहद बुद्धिमान और सभी वैदिक शास्त्रों के अध्ययन में निपुण थे। उन्होंने धार्मिक सिद्धांतों की रक्षा की और वे हर तरह के वैभव से सम्पन्न थे। वे महानुभावों के नेता और भक्तों के सेवक थे। वे परमेश्वर के पूर्ण अवतार थे। इसलिए, महान अनुष्ठानों (यज्ञों) को करने में उनकी तुलना कौन कर सकता है?
The great king Gaya performed all kinds of Vedic rituals. He was extremely intelligent and proficient in the study of all Vedic scriptures. He protected the religious rules and was adorned with all splendors. He was the leader of the noble men and the servant of the devotees. He was the true and all-powerful part (kala) of Sri Bhagavan. So who can compare with him in performing great rituals (yajnas)?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥