महाराज प्रियव्रत की गतिविधियों के संबंध में, कई उत्कृष्ट छंद हैं जो पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं। वह इतने प्रसिद्ध हैं कि उनकी गतिविधियों की तुलना भगवान के व्यक्तित्व के साथ की जाती है। कभी-कभी भगवान के एक निष्ठावान सेवक और भक्त को भगवान भी कहा जाता है। श्री नारद को भगवान कहा जाता है, और भगवान शिव और व्यासदेव को भी někdy भगवान कहा जाता है। यह पदवी, भगवान, कभी-कभी प्रभु की कृपा से एक शुद्ध भक्त को प्रदान की जाती है ताकि वह बहुत अधिक सम्मानित हो। महाराज प्रियव्रत ऐसे ही एक भक्त थे।
