श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 4: चतुर्थ आश्रम की उत्पत्ति  »  अध्याय 9: ध्रुव महाराज का घर लौटना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  4.9.26 
मैत्रेय उवाच
इत्यर्चित: स भगवानतिदिश्यात्मन: पदम् ।
बालस्य पश्यतो धाम स्वमगाद्गरुडध्वज: ॥ २६ ॥
 
 
अनुवाद
मैत्रेय मुनि ने कहा : बालक ध्रुव महाराज द्वारा पूजा किए जाने और उन्हें अपना स्थान देने के पश्चात, भगवान विष्णु, गरुड़ की पीठ पर चढ़कर ध्रुव महाराज के देखते ही देखते अपने धाम वापस चले गए।
 
मैत्रेय मुनि ने कहा : बालक ध्रुव महाराज द्वारा पूजा किए जाने और उन्हें अपना स्थान देने के पश्चात, भगवान विष्णु, गरुड़ की पीठ पर चढ़कर ध्रुव महाराज के देखते ही देखते अपने धाम वापस चले गए।
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd