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श्लोक 4.9.23  |
त्वद्भ्रातर्युत्तमे नष्टे मृगयायां तु तन्मना: ।
अन्वेषन्ती वनं माता दावाग्निं सा प्रवेक्ष्यति ॥ २३ ॥ |
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| अनुवाद |
| भगवान् ने आगे कहा : भविष्य में एक दिन तुम्हारा भाई उत्तम जंगल में शिकार करने जाएगा और जब वह शिकार में मग्न होगा तो उसकी हत्या कर दी जाएगी। तुम्हारी विमाता सुरुचि अपने पुत्र की मृत्यु से पागल हो जाएगी और उसकी तलाश में जंगल में जाएगी, परंतु वहाँ वह जंगल की आग में जलकर मर जाएगी। |
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| भगवान् ने आगे कहा : भविष्य में एक दिन तुम्हारा भाई उत्तम जंगल में शिकार करने जाएगा और जब वह शिकार में मग्न होगा तो उसकी हत्या कर दी जाएगी। तुम्हारी विमाता सुरुचि अपने पुत्र की मृत्यु से पागल हो जाएगी और उसकी तलाश में जंगल में जाएगी, परंतु वहाँ वह जंगल की आग में जलकर मर जाएगी। |
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