विधाय कार्त्स्न्येन च तद्यदाह भगवान् भव: ।
सन्दधु: कस्य कायेन सवनीयपशो: शिर: ॥ ८ ॥
अनुवाद
शिवजी के आदेशानुसार जब सारी विधियाँ पूर्ण हो गईं तब बलि के लिए लाये हुए पशु के सिर को दक्ष के शरीर से जोड़ दिया गया।
When everything was completed as per the instructions of Lord Shiva, the head of the animal brought for slaughter in the yagya was attached to the body of Daksha.
तात्पर्य
इस बार, सभी देवता और महान ऋषि भगवान शिव को नाराज़ न करने के लिए बहुत सावधान थे। इसलिए उन्होंने जो भी पूछा वह किया गया। यहाँ विशेष रूप से कहा गया है कि दक्ष के शरीर को एक जानवर (बकरी) के सिर से जोड़ा गया था।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥