श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 4: चतुर्थ आश्रम की उत्पत्ति  »  अध्याय 7: दक्ष द्वारा यज्ञ सम्पन्न करना  »  श्लोक 58
 
 
श्लोक  4.7.58 
एवं दाक्षायणी हित्वा सती पूर्वकलेवरम् ।
जज्ञे हिमवत: क्षेत्रे मेनायामिति शुश्रुम ॥ ५८ ॥
 
 
अनुवाद
मैत्रेय ने कहा: मैंने सुना है कि दक्ष से मिले शरीर को त्यागने के बाद दाक्षायणी (उनकी पुत्री) ने हिमालय राज्य में जन्म लिया। मेना की पुत्री के रूप में उनका जन्म हुआ। मैंने यह विश्वसनीय स्रोतों से सुना है।
 
Maitreya said: I have heard that after giving up the body received from Daksha, Dakshayani (daughter of Daksha) was born in the kingdom of the Himalayas. She was born as the daughter of Mena. I have heard this from authentic sources.
तात्पर्य
मेना को मेणाका के नाम से भी जाना जाता है और वह हिमालय के राजा की पत्नी है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)