जब सती शरीर त्याग कर चली गई, तो खबर भगवान शिव को नारद ने दी। ऐसे कार्यक्रमों की खबर नारद ही देते हैं क्योंकि उन्हें उनका महत्व पता होता है। जब भगवान शिव ने सुना कि उनकी पतिव्रता पत्नी सती मर चुकी है, तो स्वाभाविक ही वे अत्यधिक क्रोधित हुए। उन्होंने यह भी समझा कि भृगु मुनि ने यजुर वेद के मंत्रों का उच्चारण करके ऋभुदेव देवताओं को बनाया था और इन देवताओं ने उनके सैनिकों को, जो यज्ञ स्थल पर उपस्थित थे, भगा दिया था। इसलिए वह इस अपमान का उत्तर देना चाहते थे, और इस प्रकार उन्होंने दक्ष को मारने का निर्णय किया क्योंकि वह सती की मौत का कारण थे।
