तत्र स्वसृर्मे ननु भर्तृसम्मिता
मातृष्वसृ: क्लिन्नधियं च मातरम् ।
द्रक्ष्ये चिरोत्कण्ठमना महर्षिभि-
रुन्नीयमानं च मृडाध्वरध्वजम् ॥ १० ॥
अनुवाद
वहाँ पर मेरी बहनें, मामा-मौसियाँ और उनके पति, और अन्य प्यारे रिश्तेदार इकट्ठा होंगे; इसलिये अगर मैं वहाँ तक जाऊँ तो मैं उन सब से मिल सकूँगी, और साथ ही मैं लहराते झंडे और ऋषियों द्वारा कराए जा रहे यज्ञ को भी देख सकूँगी। हे मेरे प्यारे पति, इसी कारण से मैं वहाँ जाने के लिए बहुत उत्सुक हूँ।
My sisters, aunts and cousins and other dear relatives will be gathered there; if I go there I will meet them all and also see the flying flags and the yajnas performed by the sages. O dear, for this reason I am very eager to go.
तात्पर्य
जैसा कि पहले कहा गया है, ससुर और दामाद के बीच तनाव काफ़ी समय तक बना रहा। इसलिए सती काफ़ी समय से अपने पिता के घर नहीं गई थी। इस कारण वह अपने पिता के घर जाने के लिए काफ़ी उत्सुक थी, खासकर इसलिए क्योंकि उस अवसर पर उसकी दोनों बहनें और उनके पति, साथ ही उसकी माँ की बहनें वहाँ होतीं। जैसा कि एक स्त्री के लिए स्वाभाविक है, वह अपनी बहनों के समान ही कपड़े पहनना चाहती थी और अपने पति के साथ जाना चाहती थी। बेशक, वह अकेले जाने की इच्छुक नहीं थी।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥