हे मित्र, पाँच उद्यान इन्द्रियसुख के पांच प्रकार हैं और रक्षक जीवन वायु है, जो नौ द्वारों से होकर आती-जाती है। तीन प्रकोष्ठ तीन मुख्य तत्व हैं - आग, पानी और धरती। मन सहित पाँच इंद्रियों का कुल छह परिवार हैं।
O friend, the five gardens are objects of five kinds of sense-pleasure, and its caretaker is the life, which comes and goes through the nine gates. The three chambers are the three principal elements—fire, water and earth. The aggregate of the five senses, including the mind, are its six families.
तात्पर्य
ज्ञान अर्जित करने वाली पांच इंद्रियां हैं - दृष्टि, स्वाद, गंध, ध्वनि और स्पर्श, और ये नौ द्वारों के माध्यम से कार्य करती हैं - दो आंखें, दो कान, एक मुंह, दो नासिका छिद्र, जननांग और एक मलाशय। इन छेदों की तुलना शहर की दीवारों के द्वारों से की जाती है। प्रमुख घटक पृथ्वी, जल और अग्नि हैं, और प्रमुख अभिनेता मन है, जिसे बुद्धि द्वारा नियंत्रित किया जाता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥