संस्कृत शब्द स्त्री का अर्थ है "विस्तार"। पत्नी के माध्यम से व्यक्ति अपने आकर्षण की विभिन्न वस्तुओं - बेटों, बेटियों, पोतों आदि का विस्तार करता है। मृत्यु के समय परिवार के सदस्यों के प्रति लगाव बहुत प्रमुख हो जाता है। अक्सर देखने को मिलता है कि कोई व्यक्ति अपने शरीर को छोड़ने से ठीक पहले अपने प्यारे बेटे को अपनी पत्नी और अन्य सामग्री का कार्यभार देने के लिए बुला सकता है। वह कह सकता है, "मेरे प्यारे लड़के, मुझे जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। कृपया परिवार के मामलों का ध्यान रखना।" वह इस तरह से बोलता है, अपने गंतव्य को जाने बिना भी।
