ऐसी परिस्थितियों में, यवनराज के बड़े भाई प्रज्वार ने अपने छोटे भाई को प्रसन्न करने के लिए, जिसे भय के नाम से भी जाना जाता है, नगर में आग लगा दी।
In such a situation, Prajwar, the elder brother of the Yavanaraj, set fire to the city to please his younger brother Bhay.
तात्पर्य
वैदिक प्रणाली के अनुसार, मृत शरीर को आग में जला दिया जाता है, पर मृत्यु से पहले एक और आग लगती है, या बुखार आता है, इसे प्रज्वार या विष्णु-ज्वार कहा जाता है। चिकित्सा विज्ञान ने सिद्ध किया है कि जब किसी का तापमान 107 डिग्री तक बढ़ जाता है, तो व्यक्ति तुरंत मर जाता है। इस प्रज्वार, या तेज बुखार, जीवन के अंतिम चरण में जीव को जलती हुई आग के बीच में डाल देता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥