श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 4: चतुर्थ आश्रम की उत्पत्ति  »  अध्याय 27: राजा पुरञ्जन की नगरी पर चण्डवेग का धावा और कालकन्या का चरित्र  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  4.27.13 
चण्डवेग इति ख्यातो गन्धर्वाधिपतिर्नृप ।
गन्धर्वास्तस्य बलिन: षष्ट्युत्तरशतत्रयम् ॥ १३ ॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! गंधर्वलोक में चंडवेग नाम का एक राजा है। उसके अधीन 360 बड़े शक्तिशाली गंधर्व सैनिक हैं।
 
O King, there is a king named Chandveg in Gandharvalok. He has 360 very powerful Gandharva soldiers under him.
तात्पर्य
समय को यहाँ सांकेतिक रूप से चण्ड वेग के रूप में वर्णित किया गया है। चूँकि समय और ज्वार किसी व्यक्ति की प्रतीक्षा नहीं करते, इसलिए यहाँ समय को चण्ड वेग कहा गया है, जिसका अर्थ है "बहुत तेजी से गुजर रहा है।" जैसे-जैसे समय बीतता है, इसकी गणना वर्षों के रूप में की जाती है। एक वर्ष में 360 दिन होते हैं, और यहाँ वर्णित चण्ड वेग के सैनिक इन दिनों का प्रतिनिधित्व करते हैं। समय तेज़ी से बीतता है; चण्ड वेग के गन्धर्वलोक के शक्तिशाली सैनिक हमारे जीवन के सभी दिनों को बहुत तेजी से ले जाते हैं। जैसे-जैसे सूरज उगता है और डूबता है, वैसे-वैसे हमारे जीवन काल का संतुलन छीनता जाता है। इस प्रकार जैसे-जैसे प्रत्येक दिन बीतता है, हम में से प्रत्येक जीवन की कुछ अवधि खो देता है। इसलिए कहा जाता है कि किसी के जीवन की अवधि को बचाया नहीं जा सकता। लेकिन अगर कोई भक्ति सेवा में लगा हुआ है, तो उसका समय सूर्य द्वारा नहीं छीना जा सकता। जैसा कि श्रीमद-भागवतम (2.3.17) में कहा गया है, आयुर्हरति वै पुंसाम उदयन्नस्तं च यन्न असौ। निष्कर्ष यह है कि यदि कोई खुद को अमर बनाना चाहता है, तो उसे इंद्रिय तृप्ति को छोड़ देना चाहिए। भक्ति सेवा में खुद को संलग्न करने से, व्यक्ति धीरे-धीरे भगवान के शाश्वत राज्य में प्रवेश कर सकता है।

मीराज़ और अन्य भ्रामक चीजों को कभी-कभी गंधर्व कहा जाता है। हमारे जीवनकाल को खोना उम्र बढ़ने के रूप में लिया जाता है। जीवन के दिनों का यह अगोचर रूप से गुजर जाना इस श्लोक में सांकेतिक रूप से गंधर्वों के रूप में वर्णित है। जैसा कि बाद के छंदों में बताया गया है, ऐसे गंधर्व पुरुष और स्त्री दोनों होते हैं। यह इंगित करता है कि पुरुष और महिला दोनों ही समय के बल से अपने जीवन काल को अगोचर रूप से खो देते हैं, जिसे यहाँ चण्ड वेग के रूप में वर्णित किया गया है।

 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)