उस स्त्री के नाक, दाँत और मस्तक सभी बहुत ही खूबसूरत थे। उसके कान भी उतने ही सुंदर थे और चमकीले कुंडल से सजे हुए थे।
The woman's nose, teeth and forehead were all extremely beautiful. Her ears were equally beautiful and adorned with sparkling earrings.
तात्पर्य
बुद्धि का शरीर गंध, दृष्टि और श्रवण जैसी इंद्रियों के विषयों का आनंद लेता है जो उसे ढँकते हैं। "सुनासम", "सुंदर नाक", शब्द गंध से ज्ञान प्राप्त करने के अंग को दर्शाता है। इसी तरह, मुंह स्वाद द्वारा ज्ञान प्राप्त करने का साधन है, क्योंकि किसी वस्तु को चबाने और उसे जीभ से छूने से हम उसका स्वाद समझ सकते हैं। "सुकोपोलम", "अच्छा माथा", शब्द एक स्पष्ट मस्तिष्क को इंगित करता है जो चीजों को समझने में सक्षम है। बुद्धि से कोई भी चीजों को क्रम में स्थापित कर सकता है। दोनों कानों पर लगाए गए झुमके वहाँ बुद्धि के कार्य द्वारा रखे गए हैं। इस प्रकार ज्ञान प्राप्त करने के तरीकों को रूपक के माध्यम से वर्णित किया गया है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥