Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 4.24.8: महाराज अन्तर्धान के पुत्र हविर्धान की पत्नी का नाम हविर्धानी था। हविर्धानी ने छह पुत्रों को जन्म दिया, जिनके नाम थे बर्हिषत्, गय, शुक्ल, कृष्ण, सत्य और जितव्रत। | bhagavat अध्याय 4.24: शिवजी द्वारा की गई स्तुति का गान । bhagavat स्कन्ध 4: चतुर्थ आश्रम की उत्पत्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज अन्तर्धान के पुत्र हविर्धान की पत्नी का नाम हविर्धानी था। हविर्धानी ने छह पुत्रों को जन्म दिया, जिनके नाम थे बर्हिषत्, गय, शुक्ल, कृष्ण, सत्य और जितव्रत।
The name of the wife of Havirdhan, son of Maharaj Antardhan, was Havirdhani who gave birth to six sons, whose names were Barhishat, Gaya, Shukla, Krishna, Satya and Jitavrata.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥